मैथिली में कहूं तो- 'कहबाक कला सीखे छी'। वैसे हर पल सीखने की चाहत रखता हूं। गांव पसंद है और शहर में इंटरनेट से जुड़ा कंप्यूटर। किताबें,गजलें और गाड़ी के पीछे की सीट पर बैठकर सड़कों को देखना पसंद है।
ईमेल है- girindranath@gmail.com
और बात करने का नंबर-
09868086126
3 comments:
bah, nik lagal dekhi kay, ravish jik pitaji hamar pitajik sangi rahthinh, patna me hamar bhayak gharak bagal me hinkar ghar chhanhi,pandey baba sabh kahait chhanhi
आपका मेरी नई पोस्ट पर स्वागत है
जितेन्द्र चौधरी जैसा सर्मपण कहां से लाए
Mubarak ho..!!
कभी मेरे ब्लॉग शब्द-शिखर पर भी आयें !
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